वो पत्रकार जिसके कैमरे में कैद है गेस्ट हाउस कांड की अनदेखी सच्चाई । Manoj Chabra

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सियासत में पार्टियों का गठबंधन आम बात है लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में जब सपा बसपा साथ आए तो अचानक ही ये एक बड़ी खबर बन गई। कारण थी एक तारीख़, 2 जून 1995, कारण था एक कांड, ‘गेस्ट हाउस कांड’। क्या थी गेस्ट हाउस कांड की सच्चाई? वो सच्चाई जो इंटरनेट पर तैरते विडियो और छपी पड़ीं खबरों से इतर है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट मनोज छाबड़ा अपनी तस्वीरों के माध्यम से बता रहे हैं, गेस्ट हाउस कांड की हक़ीक़त..

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